मंगलौर
देश के पूर्व प्रधानमंत्री किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की जयंती पर देश उन्हें याद कर रहा है। चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा कहा जाता है। चौधरी चरण सिंह जी का मंगलौर के काजी परिवार से गहरा नाता था। स्वर्गीय काजी मोहियुद्दीन के घर पर चौधरी साहब अक्सर आते थे। मुख्यमंत्री रहते भी और केंद्रीय मंत्री रहते भी। मंगलौर से उनको खास लगाव था। इसलिए कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव, पूर्व मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन चौधरी चरण सिंह की जयंती कभी नहीं भूलते और हर वर्ष उनकी जयंती मनाते हैं। आर्य समाजी होने के बावजूद भी चौधरी साहब आध्यात्म और रूहानियत में बहुत विश्वास रखते थे। उनकी अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी गजब की थी। हिंदी और उर्दू के साथ फारसी के शेर संस्कृत के सैकड़ों श्लोक उनको जुबानी याद थे। कुछ लोग चौधरी साहब को कम पढ़ा लिखा मानते हैं। लेकिन आपको बता दे चौधरी साहब ने सन 1925 में कला वर्ग से स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की और उसके बाद आगरा विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। उन्होंने अनेक पुस्तकें भी लिखी जो इस बात का प्रमाण है कि वे एक विद्वान नेता थे
